आयुष्मान भारत योजना | What Is Ayushman Bharat Yojana Scheme in Hindi | Modicare in Hindi | Namocare in Hindi

 

आयुष्मान भारत योजना | What Is Ayushman Bharat Yojana Scheme in Hindi | Modicare in Hindi | Namocare in Hindi

बीजेपी पार्टी ने अपने पांच सालों के कार्यकाल अवधि में से चार साल पूरे कर लिए हैं.इन चार सालों में मोदी सरकार ने योजनाओं के जरिए देश की कई समस्याओं को खत्म करने की पहल की है.मोदी सरकार द्वारा एक नहीं बल्कि ऐसी कई योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनकी मदद से लोगों का जीवन बेहतर करने और देश के विकास को तेज करने की कोशिश की गई है. वहीं इस साल मोदी सरकार ने लोकसभा में अपना बजट भी पेश कर दिया है, जो कि भाजपा का आखिरी पूर्ण कलिक बजट है और अपने इस आखिरी बजट में सरकार ने देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को और किसानों की स्थिति को मजबूत करने का लक्ष्य रखा है.

आयुष्मान भारत योजना

वहीं इस बजट में पेश की गई ‘आयुष्मान भारत प्रोग्राम’ की मदद से देश के लोगों को बीमारियों से लड़ने के लिए आर्थिक रूप से मजूबत किया जाएगा.सरकार द्वारा शुरू की गई इस नई योजना से देश के करीब 50 करोड़ लोगों यानी 40 % आबादीका बीमा करवाया जाएगा.यानी मोदी ने स्वच्छ भारत के साथ-साथ स्वस्थ भारत बनाने के लिए भी पहला कदम उठा लिया है.

योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी (Important Informantion Related To ayushman bharat program)

योजना का नाम आयुष्मान भारत योजना
योजना का संबंध स्वास्थ्य क्षेत्र से
योजना की घोषणा की तारीख 1 फरवरी, 2018
योजना की शुरुआत अप्रैल, 2018
योजना का बजट 2,000 करोड़ रुपए
योजना से मिलने वाला लाभ 5 लाख रुपए सालाना
किन को मिलेगा लाभ बीपीएल (गरीब परिवार)
कैसे होगा भुगतान कैशलेस

जानिए क्या है आयुष्मान भारत प्रोग्राम’- (what is ayushman bharat program)

‘आयुष्मान भारत प्रोग्राम’ की मदद से सरकार गरीब परिवारों के इलाज के खर्चे में उनकी मदद करेगी.अक्सर देखा गया है कि गरीब लोगों के पास इतने पैसे नहीं होते हैं कि वो अपना सही से इलाज करवा पाएं. वहीं गरीब लोगों की इसी परेशानी को हल करने के लिए इस योजना को शुरू किया गया है. इस योजना की मदद से देश के गरीब लोग अब बिना खर्चे के डर से अपना इलाज अच्छे से करवा सकेंगे. योजना के तहत गरीब लोगों का बीमा करवाया जाएगा. ये बीमा सरकार द्वारा करवाया जाएगा. वहीं जब भी किसी को अपना इलाज करवाना होगा वो इस बीमा की मदद से करवा सकेगा.

इस योजना का बजट (Ayushman Bharat Yojana Budget 2018)

इस योजना के बजट के लिए सरकार द्वारा 2,000 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है. इस योजना के चलते देश के 10 करोड़ परिवारों को लाभ होगा यानी लगभग देश की 50 करोड़ जनसंख्या को ये पैसे दिए जाएगा.वहीं बजट की राशि और 50 करोड़ जनसंख्या के हिसाब से इस योजना के जरिए प्रति व्यक्ति को 40 रुपये मिलेंगे.

कौन उठा सकेगा आयुष्मान भारत प्रोग्राम का फायदा(who Are Eligible For Ayushman Bharat scheme)

इस योजना को भारत के केवल उन परिवारों के लिए बनाया गया है जो कि आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिन परिवारों की सालाना आय ना के बराबर है.यानी जो लोगो गरीबी रेखा (बीपीएल) के नीचे आते हैं वो ही इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.वहीं इस योजना का लाभ प्राप्त के लिए गरीब लोगों के पास बीपीएल कार्ड होना जरूरी है. इस योजना से इन लोगों का मुफ्त में सरकारी स्वास्थ्य बीमा कराया जाएगा.

कितनी राशि का होगा बीमा

जो भारतीय लोग इस योजना के हकदार होंगे उनको सरकार द्वारा पांच लाख रुपए की मदद दी जाएगी. यानी सरकार गरीब लोगों का पांच लाख रुपए का बीमा करवाएगी.वहीं इस योजना ने देश में पहले से चल रही राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की जगह ली है 2008 में शुरू की गई इस योजना की मदद से गरीब लोगों को तीस हजार रुपये का सालाना बीमा कवर मुहैया करवाया जाता था.

कब शुरू होगी ये योजना

सरकार इस योजना को शुरू करने के लिए एकदम तैयार बैठी है. इस योजना को शुरू करने से जुड़े सारे कार्य कर लिए गए हैंऔर इस योजना को इस साल अप्रैल तक शुरू कर दिया जाएगा. वित्त मंत्री के अनुसार इस साल अप्रैल के महीने से ही गरीब लोगों को सरकार द्वारा पैस दिए जाने शुरू हो जाएंगे.

गरीब लोगों का होगा मुफ्त इलाज

इस योजना का फायदा उठाने के लिए ये जरूरी नहीं है कि गरीब लोगों को केवल सरकारी अस्पतालों से ही इलाज करवाना होगा.सरकार ने इस योजना के अंतर्गत निजी अस्पतालों में भी इलाज करवाने की छूट दी है.यानी अगर कोई व्यक्ति किसी निजी अस्पताल में इलाज करवाता है तो भी वो इस योजना के जरिए मुफ्त में इलाज करवाने का हकदार होगा.

कैसे करेगी सरकार भुगतान

इस योजना के जरिए दिए जाने वाले पांच लाख रुपए का भुगतान कैशलेस तरीके से किया जाएगा.जिसका मतलब साफ है कि इस योजना के लिए जो भी हकदार होगा उसके बैंक खाते में सरकार पैसे डाल देगी. सरकार द्वारा कैशलेस भुगतान करने से इस योजना में पैसों को लेकर कोई भी गड़बड़ी किसी के द्वारा नहीं की जा सकेगी.

इस योजना से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातें (Things To Know About ‘Modicare’)

ओबामा केयर योजना की तरह मोदी केयर योजना

नैशनल हेल्थ प्रॉटेक्शन स्कीम के अंतर्गत इस योजना को शुरू किया गया है. वहीं इस स्कीम को ‘मोदी केयर’ के नाम से भी जाना जा रहा है.गौरतलब है कि इसी तरह की योजना अमेरिका में भी शुरू की गई थी और उस योजना को दुनिया भर में ‘ओबामा केयर’ के नाम से जाना गया था. वहीं दोनों देशों के द्वारा चलाई गई इस योजना की तुलना की जाए तो. भारत ने इस योजना को बड़े तर्ज पर शुरू किया है. जहां अमेरिका में केवल 15% लोगों को इसका लाभ मिला था वहीं भारत में इस योजना का लाभ करीब 40% जनसंख्या को मिलेगा.

नीति आयोग द्वारा तैयार की गई ये योजना

इस योजना को तैयार करने के पीछे नीति आयोग का बहुत बड़ा हाथ है. वित्त मंत्री के मुताबिक नीति आयोग को सरकार द्वारा इस योजना को तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी. वहीं नीति आयोग ने इस योजना को तैयार कर इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पेश किया था.जिसके बाद मोदी जी ने इस योजना को मंजूरी दे दी थी और इस योजना की घोषणा फिर देश के बजट के दौरान की गई थी.

टीबी की बीमारी को खत्म करना

भारत में अभी भी कई ऐसे लोग हैं जो कि टीबी की बीमारी का शिकार हैं. वहीं इन लोगों को अपना इलाज करवाने के लिए पैसों की कमी ना आए इस पर भी सरकार ने खासा ध्यान दिया है. सरकार ने ऐसे मरीजों की मदद करने के लिए उन्हें प्रति महीने के हिसाब से 500 रुपए देने का ऐलान किया है.वहीं सरकार के इस कदम से हमारे देश से ये बीमारी साल 2025 तक पूरी तरह खत्म हो जाएगी.इसके अलावा सरकार ने यक्ष्मा (Tuberculosis) बीमारी के मरीजों की मदद करने के लिए भी 600 करोड़ रुपए के बजट की घोषणा की है.

नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खुलेगे (New medical colleges and hospitals) –

देश में आने वाले सालों में 24 अतिरिक्त मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को शुरू करने लक्ष्य भी सरकार द्वारा इस बजट में तय किया गया है. सरकार द्वारा तैयार की गई योजना के मुताबिक सरकार हर तीन संसदीय क्षेत्रों को मिलाकर इस तरह का एक कॉलेज निर्मित किया जाएगा. जिसका मतलब है कि हर राज्य में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज तो खोला ही जाएगा.वहीं सरकार के ऐसा करने से देश को ज्यादा डॉक्टर मिल जाएंगे और मरीजों का इलाज भी आसानी से किया जा सकेगा.इसके अलावा देश में 1.5 लाख कल्याण स्वास्थ्य केंद्रों भी सरकार द्वारा शुरू किए जाएंगे. इन केंद्रों को खोलने के लिए1,200 करोड़ रुपये के बजट का ऐलान किया गया है.

आने वाले सालों में किया जाएगा योजना का विस्तार

सरकार इस योजना को केवल गरीब लोगों तक ही सीमित नहीं रखेंगी और आने वाले सालों में इस योजना का विस्तार किया जाएगा. सरकार द्वारा कोशिश की जाएगी की देश की बची आबादी को भी इस योजना का लाभ मिल सके.